प्रादि कर्मधारय
| प्राचार्य: | प्रगत: आचार्य: । |
| विपक्ष: | विरुद्ध: पक्ष: । |
| स्वागतम् | शोभनम् आगतम् । |
| प्राध्यापक: | प्रगत: अध्यापक: । |
| प्रशिक्षक: | प्रगत: शिक्षक: । |
| अंत:सार: | अन्तर्गत: सार: । |
| दुर्जन: | दुष्ट: जन: । |
| कुकवि: | कुत्सित: कवि: । |
| सुदारुणा | सुष्ठु दारुणा । |
| दुर्दैवम् | दुष्टम् दैवम् । |
| सत्पुरुष: | सन् पुरुष: । |
| स्वल्पम् | सुष्ठु अल्पम् । |
| सुजना: | शोभना: जना: । |
| कापुरुषा: | कुत्सिता: पुरुषा: । |
| अतिलालानम् | अतिशयितम् लालनम् । |
| प्रत्युत्तरम् | प्रतिगतम् उत्तरम् । |
| दुर्वचनम् | दुष्टम् वचनम् । |
| दुर्भाग्येण | दुष्टम् भाग्यम् तेन । |
| प्रत्याशया | प्रतिगता आशा तया । |
| अतिप्रदीप्ते | अतिशयिते प्रदीप्ते । |
| अतिगहनम् | अतिशयितम् गहनम् । |
| सुकृतम् | सुष्ठु (सम्यक् वा) कृतम् । |
| सुभाषितम् | शोभनम् भाषितम् । |
| विज्ञानम् | विशिष्टम् ज्ञानम् । |
